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008 260111s9999||||xx |||||||||||||| ||und||
082 _a824 व449म्र
100 _aराधेश्याम श्रीवास्तव
245 0 _aमनुष्य ही अपने भाग्य का निर्माता ह
260 _aप्रयाग
_bछात्रहितकारी पुस्तकमाला
_c1955
300 _a59
942 _cBK
999 _c5793
_d5793