प्रीति सिंह, . (1992). हज़ारों ने खाया लाखों ने सराहा. इलाहाबाद: जयभारती प्रकाशन.
प्रीति सिंह, . 1992. हज़ारों ने खाया लाखों ने सराहा. इलाहाबाद: जयभारती प्रकाशन.
प्रीति सिंह, . हज़ारों ने खाया लाखों ने सराहा. इलाहाबाद: जयभारती प्रकाशन. 1992.