रवीन्द्रसहाय वर्मा, .हिन्दी काव्य पर आँगल प्रभाव. कानपुर: पद्माजा प्रकाश.
रवीन्द्रसहाय वर्मा, .कानपुर: पद्माजा प्रकाश. .