हीरेन्द्रनाथ मुखोपाध्या, .स्वंय ही थे एक काव्. दिल्ली: अक्षर प्रकाश.
हीरेन्द्रनाथ मुखोपाध्या, .दिल्ली: अक्षर प्रकाश. .