अजाइब सिंघ हुंदल, . (1973). चलदे फिरदे रुख्ख. अंम्रितसर: लोक साहित प्रकाश.
अजाइब सिंघ हुंदल, . 1973. चलदे फिरदे रुख्ख. अंम्रितसर: लोक साहित प्रकाश.
अजाइब सिंघ हुंदल, . चलदे फिरदे रुख्ख. अंम्रितसर: लोक साहित प्रकाश. 1973.