बृहदारण्य कोपनिषद् सानुवाद शाङ्करमाष्य सहित

घनश्यामदास जाला

बृहदारण्य कोपनिषद् सानुवाद शाङ्करमाष्य सहित - गोरखपुर गीता प्रेस - 1380