रघुनन्दनसिंह निर्मल, .गीता का संज्ञा स्वरूप. दिल्ली: वैदिक प्रचारक मण्डल.
रघुनन्दनसिंह निर्मल, .दिल्ली: वैदिक प्रचारक मण्डल. .