सर्वहारा रातें: उन्नीसवीं सदी के फ्रांस में मज़दूर-स्वप्न

जा़क राँसिएर

सर्वहारा रातें: उन्नीसवीं सदी के फ्रांस में मज़दूर-स्वप्न - नई दिल्ली वाणी 2009 - 455पृ

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