सर्वहारा रातें: उन्नीसवीं सदी के फ्रांस में मज़दूर-स्वप्न
जा़क राँसिएर
सर्वहारा रातें: उन्नीसवीं सदी के फ्रांस में मज़दूर-स्वप्न - नई दिल्ली वाणी 2009 - 455पृ
331.8 ज14स
सर्वहारा रातें: उन्नीसवीं सदी के फ्रांस में मज़दूर-स्वप्न - नई दिल्ली वाणी 2009 - 455पृ
331.8 ज14स
