राजिंदर पाल सिंह, . (2005). पाशः मैं हुण विदा हुंदा हां. चंडीगढ: लोकगीत.
राजिंदर पाल सिंह, . 2005. पाशः मैं हुण विदा हुंदा हां. चंडीगढ: लोकगीत.
राजिंदर पाल सिंह, . पाशः मैं हुण विदा हुंदा हां. चंडीगढ: लोकगीत. 2005.